Sunday, June 14, 2026


बहरे_रमल_मुसद्दस_महजूफ


अर्कान
फाइलातुन,फाइलातुन,फाइलुन
वज़्न
2122, 2122, 212


फिल्मी गीत
*तुम न जाने किस जहां में खो गये |

*दिल के अरमां आंसूओं में बह गये |

*हर जगह दुश्मन ज़माना गम नहीं |

*इक दिन बिक जाएगा माटी के मोल |

 गज़ल
बहरे-रमल मुसद्दस महज़ूफ
2122 2122 212
क्वाफि आना स्वर
रदीफ़ आ गया

🌹
ख्वाब आँखों में सजाना आ गया
फूल बागों में खिलाना आ गया।
🌹
हो गई श्रृंगार अब ये जिंदगी
गीत रागों में बनाना आ गया।
🌹
था कहीं भटका हुआ सा राह में
इश्क में मेरा ठिकाना आ गया
🌹
है लगी बनने कहानी प्यार की
प्रेम बातों में जताना आ गया
🌹
हो रही है अब मुकम्मल शाइरी।
शेर महफ़िल में सुनाना आ गया
🌹
साथ तेरा क्या मिला ए जिंदगी
जी रहा हूँ ये बताना आ गया।
🌹
ना करो अविराज बातें यूँ बड़ी
प्यार को दिल में छुपाना आ गया।

अरविन्द चास्टा "अविराज"
कपासन ,चित्तौरगढ़ ,राज.


No comments:

Post a Comment