Sunday, June 14, 2026



हाइकु 

हाइकु मूल रूप से 
जापानी कविता है ।
हाइकु का जन्म 
जापानी संस्कृति की परंपरा 
जापानी जनमानस और 
सौंदर्य चेतना में हुआ है। 
हाइकु अनुभूति के
 चरम क्षण की कविता है।

हाइकु कई भावो में लिखा जाता है।
 प्रक्रति, हास्य, प्रेम आदि।
हाइकु जापानी शैली की 
लघु कविता है 
इसमें 17 वर्ण होते हैं
 जिसे 3 पंक्तियों में लिखा जाता है
 पहली पंक्ति में 5 वर्ण
 दूसरी पंक्ति में 7 वर्ण 
तीसरी पंक्ति में पुनः 5 वर्ण
अर्थात 5,7,5

वर्ण की संख्या निश्चित 17
अर्थ की पूर्णता हो।
सार गर्भित हो ।
अर्थात ।
हर हाइकु का अपना स्वतन्त्र अर्थ होना ।
***
उदाहरण 
🌹
तेरा विरह,
आँखों में आँसू देता,
कभी तो मिलो ।
🌹
आग लगा दी,
सपनों में तुमने,
खाक हो गया।
🌹
छोड़ गई क्यों,
अकेला मुझे तुम,
जीना बेकार।
🌹
थे भूले वादे,
आज जो मिले मुझे,
याद आ गया।
🌹
अरविन्द चास्टा "अविराज "
कपासन चितोडगढ़ राजस्थान।


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